8 घंटे इंतजार के बाद पैंथर का सफल रेस्क्यू, राजसमंद से पहुंची ट्रैंक्युलाइज टीम बादनी में खेत की चारदीवारी के भीतर गुफानुमा जगह में घुसा था पैंथर, सुबह से शाम तक चला रेस्क्यू अभियान, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

जवाजा। डूंगरखेड़ा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव बादनी में पैंथर की मौजूदगी से ग्रामीणों में दिनभर दहशत का माहौल बना रहा। सुबह करीब 7 बजे खेतों के आसपास पैंथर दिखाई देने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पैंथर एक खेत की चारदीवारी के भीतर बनी गुफानुमा जगह में जा घुसा। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई, जिस पर टीम मौके पर पहुंची और पैंथर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के प्रयास शुरू किए। पैंथर के चारदीवारी के भीतर छिपे होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। ग्रामीणों की भीड़ और पैंथर की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया। पैंथर को बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन वह गुफानुमा जगह से बाहर नहीं निकला। स्थिति को देखते हुए राजसमंद से ट्रैंक्युलाइज टीम को बुलाया गया। करीब 8 घंटे इंतजार के बाद रेस्क्यू अभियान के लिए राजसमंद से पहुंची विशेषज्ञ ट्रैंक्युलाइज टीम ने पैंथर को सफलतापूर्वक ट्रैंक्युलाइज किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन मात्र 30 मिनट में कर दिया गया परन्तु ब्यावर जिले के आसपास में सुविधा नहीं होने के कारण राजसमन्द से टीम की सूचना 11 बजे दी गई उसके बाद लंबा रास्ता होने से पहुंचने में देरी हुई वही । पैंथर के रेस्क्यू होते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पैंथर के आसपास भीड़ नहीं करने की अपील की। लंबे समय तक चले अभियान के कारण पूरे क्षेत्र में लोगों की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी रहीं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेंथर का श्वान सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और राजसमंद से पहुंची ट्रैंक्युलाइज टीम का आभार जताया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पैंथर की लगातार आवाजाही से किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और पैंथर की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है, इस दौरान वन विभाग शूटर सुरेंद्र सिंह के द्वारा लगभग 800 से अधिक ट्रैंक्युलाइज किए गए पिछले 10 वर्षों में पन्नालाल कुमावत, रेंजर सत्यानंद गरासिया राजसमंद,गजेंद्र सिंह राणावत, महेन्द्र सिंह,चांदमल गुर्जर , सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे राजसमन्द डीएफओ डॉक्टर रामानन्द भाखर ने बताया पैंथर 1 साल का था पैंथर किसी दीवार के अंदर फस गया था और ग्रामीणों का शोर होने के कारण वह बाहर नहीं निकल पाया हमारा जो जंगल है उसमें डॉक्टर की निगरानी में है छोड़ने की जगह वेटरनरी एक्सपर्ट है उसके बाद में उसको रिलीज कर दिया जाएगा वैसे घायल नहीं है और जिसको चेक करने के बाद में रिलीज कर दिया ऑब्जर्वेशन में रखने की जरूरत नहीं है

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Author: Magra Samachar

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