स्वच्छ भारत मिशन को लेकर ग्राम पंचायतों में निरीक्षण, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

किशनपुरा, कोटड़ा, काबरा व नाड़ीवाला में अधिकारियों ने लिया जायजा, दुकानदारों व ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक जवाजा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत समिति जवाजा क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से निरीक्षण अभियान चलाया गया। मंगलवार को पंचायत समिति जवाजा के विकास अधिकारी श्री सुरेश कुमार गुप्ता एवं अतिरिक्त विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत किशनपुरा, कोटड़ा, काबरा एवं नाड़ीवाला का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांवों में सफाई व्यवस्था, नालियों की स्थिति, कचरा संग्रहण एवं कचरा परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों एवं ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कचरा इधर-उधर नहीं डालने तथा एकत्रित कचरे को निर्धारित कचरा पात्र में ही डालने की समझाइश की। साथ ही प्लास्टिक थैलियों के उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए इनके उपयोग से बचने की अपील की गई। नालियों की नियमित सफाई और कचरा वाहन चलाने के निर्देश अधिकारियों ने संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसमें नालियों की नियमित सफाई, सड़क एवं गलियों में नियमित झाड़ू लगवाने, कचरा उठाने तथा कचरा संग्रहण वाहन का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल रहे। अधिकारियों ने कहा कि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ग्रामीणों एवं दुकानदारों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों से अपने आसपास गंदगी नहीं फैलाने और स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया गया। लापरवाही पर होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्देशों की पालना नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के निरीक्षण से ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार कार्मिकों में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी जारी रखने पर भी जोर दिया गया।
बदनोर-मोगर सड़क खस्ताहाल, वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल जवाजा। बदनोर से मोगर वाया मोठी जाने वाली करीब 7 किलोमीटर सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह डामर उखड़ चुका है और गिट्टी व बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बदनोर के आंजन धाम से मोगर वाया मोठी तक सड़क कई जगह पूरी तरह टूट चुकी है। बदनोर से लगेंता का बाडिया तक डामर उखड़ने के बाद सड़क पर गिट्टी बिखरी हुई है। इससे बाइक सवारों के फिसलकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं मोगर से मोठी चौराहे तक भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के नवीनीकरण की मांग को लेकर करीब पांच वर्षों से ग्राम पंचायत, उपखंड अधिकारी, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ग्रामीण सेवा शिविरों में कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से सड़क का जल्द नवीनीकरण करवाने की मांग की है। इस मार्ग से करीब 15 गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है, ऐसे में सड़क निर्माण होने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।
जवाजा विकास अधिकारी सुधीर पाठक पत्रिका की खबर के बाद किया ओचक निरक्षण
पत्रिका की खबर के बाद हरकत में प्रशासन, जवाजा विकास अधिकारी सुधीर पाठक ने किया औचक निरीक्षण, सफाई व्यवस्था का लिया जायजा
बदनोर-मोगर सड़क खस्ताहाल
बदनोर-मोगर मार्ग पर उखड़ा डामर और बिखरी गिट्टी बनी परेशानी का सबब, बदहाल सड़क से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल।
ब्यावर में ऑपरेशन की सलाह के बाद जवाजा सीएचसी में कराई सामान्य डिलीवरी जच्चा-बच्चा को स्वस्थ हालत में छुट्टी मिलने पर परिजनों ने डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ का किया सम्मान जवाजा। जवाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की तत्परता और मेहनत से एक महिला की सामान्य डिलीवरी कराकर जच्चा-बच्चा को स्वस्थ हालत में अस्पताल से छुट्टी दी गई। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजनों एवं लोटियाना एवं आस पास से आए युवाओं ने सीएचसी के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ का माल्यार्पण कर एवं मिठाई खिलाकर सम्मान किया डान की बावड़ी निवासी ज्योति चौहान पत्नी चंदन सिंह को परिजन करीब सात दिन पहले ब्यावर लेकर गए थे। वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की सलाह दी थी। इसके बाद परिजन करीब पांच दिन पहले महिला को जवाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों ने स्थिति का परीक्षण करने के बाद प्रयास किए और सामान्य प्रसव कराया। मंगलवार को जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के प्रयास से सामान्य डिलीवरी होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। इसी खुशी में अस्पताल पहुंचकर पूरे स्टाफ का सम्मान किया गया। सम्मान का उद्देश्य चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों का हौसला बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए उनका उत्साहवर्धन करना रहा।ओपीडी संभाल रहे डॉ. रामप्रकाश सीएचसी जवाजा में वर्तमान में चार डॉक्टरों की व्यवस्था होने के बावजूदअकेले डॉ. रामप्रकाश ओपीडी सहित मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ की ओर से भी मरीजों के उपचार में सहयोग किया जा रहा है। इस दौरान रविंद्र सिंह के विशेष सहयोग से सामान्य डिलीवरी कराई गई। सीएचसी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन करीब 270 ओपीडी, जबकि वर्तमान में 18 आईपीडी और 4 डिलीवरी दर्ज की गई हैं। लैब, फार्मेसी, रेडियोग्राफी एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन सेवाओं में भी स्टाफ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। इस दौरान डॉ. रामप्रकाश, चंदन सिंह, ईश्वर सांगेला, प्रियंका, लक्षिता, दीपक (लैब असिस्टेंट), सुशीला जी (फार्मासिस्ट), अभिषेक (रेडियोग्राफर), सुरेंद्र (स्वास्थ्य मार्गदर्शक) सहित नर्सिंग एवं अन्य स्टाफ का सम्मान किया गया। ग्रामीण खुशवंत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जब चिकित्सक पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ मरीजों को उपचार उपलब्ध कराते हैं और जटिल माने जा रहे मामले में भी सामान्य प्रसव सफलतापूर्वक कराया जाता है, तो इससे लोगों का सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास बढ़ता है। ऐसे प्रयासों से चिकित्सकों और स्टाफ का उत्साह भी बढ़ता है।
जवाजा ग्रामीणों ने जवाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर एवं समस्त स्टाफ का माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया।
डॉ. रामप्रकाश ने कहा कि मरीज और नवजात को स्वस्थ हालत में अस्पताल से छुट्टी देना पूरी टीम के लिए खुशी की बात है। सामान्य डिलीवरी में नर्सिंग स्टाफ सहित अस्पताल की पूरी टीम ने बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया। ग्रामीणों एवं परिजनों द्वारा अस्पताल स्टाफ का माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर किया गया सम्मान हम सभी का उत्साह बढ़ाने वाला है। हमारा प्रयास रहता है कि जवाजा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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Author: Magra Samachar

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