पुष्कर से नाईकलां तक 41 लीटर जल लेकर पैदल पहुंचे हेमेंद्र सिंह, जगह-जगह हुआ स्वागत ऋषिकेश, नीलकंठ, हरिद्वार और काशी के दर्शन के बाद पूरी की कांवड़ यात्रा

 

ब्यावर। निजी कार्य से ब्यावर गए हेमेंद्र सिंह ने वहां कांवड़ियों के जत्थे को देखकर शिवभक्ति के लिए कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया। सावन के तीसरे सोमवार को वे नाईकलां से बस द्वारा रवाना हुए। ऋषिकेश पहुंचने के बाद उन्होंने नीलकंठ महादेव, हरिद्वार और काशी के धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। कंधों पर 41 लीटर जल लेकर पैदल सफर तीर्थ दर्शन के बाद हेमेंद्र ने पुष्कर से नाईकलां तक का सफर कांवड़ लेकर पैदल तय किया। कंधों पर 41 लीटर जल की कांवड़ उठाए वे लगातार आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से माहौल शिवमय बना रहा। देवाता, ब्यावर, जवाजा व सारोठ में हुआ स्वागत यात्रा के दौरान देवाता, ब्यावर, जवाजा और सारोठ चौराहे पर ग्रामीणों और युवाओं ने ढोल-नगाड़ों, डीजे और पुष्पवर्षा के साथ हेमेंद्र का स्वागत किया। नाईकलां पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनका अभिनंदन किया। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने मालाएं पहनाकर तथा साफा ओढ़ाकर युवा शिवभक्त का सम्मान किया। तीर्थ दर्शन के बाद हेमेंद्र सिंह ने पुष्कर से नाईकलां तक का सफर कांवड़ लेकर पैदल तय किया। कंधों पर 41 लीटर जल की कांवड़ उठाए वे लगातार आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से माहौल शिवमय बना रहा। देवाता, ब्यावर, जवाजा और सारोठ चौराहे में हुआ स्वागत यात्रा के दौरान देवाता, ब्यावर, जवाजा और सारोठ चौराहे पर ग्रामीणों और युवाओं ने ढोल-नगाड़ों, डीजे और पुष्पवर्षा के साथ हेमेंद्र सिंह का स्वागत किया। नाईकलां पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनका अभिनंदन किया। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने मालाएं पहनाकर तथा साफा ओढ़ाकर युवा शिवभक्त का सम्मान किया। बेटे की भक्ति देख भावुक हुए परिजन हेमेंद्र की कठिन यात्रा पूरी होने पर पिता पूरन सिंह, माता कमला देवी, दादी घिसी देवी तथा काका रणजीत सिंह, रमेश सिंह और छगन सिंह भावुक हो उठे। यात्रा के दौरान हेमेंद्र के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। उनकी शिवभक्ति से प्रभावित होकर क्षेत्र के कई युवाओं ने अगले वर्ष कांवड़ यात्रा निकालने का संकल्प जताया। हेमेंद्र सिंह की कठिन यात्रा पूरी होने पर उनके पिता पूरन सिंह, माता कमला देवी, दादी घिसी देवी तथा काका रणजीत सिंह, रमेश सिंह और छगन सिंह भावुक हो उठे। यात्रा के दौरान हेमेंद्र के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। उनकी शिवभक्ति से प्रभावित होकर क्षेत्र के कई युवाओं ने अगले वर्ष कांवड़ यात्रा निकालने का संकल्प जताया। शिवालय में किया जलाभिषेक, भजन संध्या में उमड़े ग्रामीण नाईकलां पहुंचने के बाद हेमेंद्र सिंह ने गांव के प्रमुख शिव मंदिर में पुष्कर से लाए जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इसके बाद देर रात तक भजन संध्या का आयोजन हुआ। सावन के चौथे सोमवार को पूरे मगरा क्षेत्र में हेमेंद्र सिंह की इस अनूठी शिवभक्ति की चर्चा और सराहना होती रही।

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Author: Magra Samachar

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