
जवाजा। दो वर्षों से पदोन्नति लंबित रहने और ऑनलाइन कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराने से नाराज कृषि कार्मिकों ने मंगलवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति राजस्थान के प्रदेशव्यापी आह्वान पर ब्यावर जिले के कृषि कार्मिक भी आंदोलन में शामिल होंगे। जिला अध्यक्ष कैलाश प्रजापत एवं हंसा गुर्जर के नेतृत्व में कृषि कार्मिकों ने सोमवार को सहायक निदेशक कृषि विस्तार ब्यावर को आयुक्त कृषि के नाम आंदोलन का नोटिस सौंपा। कार्मिकों ने बताया कि कृषि विभाग में राजकीय सेवा के दौरान पदोन्नति का अवसर सीमित होता है, लेकिन पिछले दो वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है। वहीं विभाग की लगभग सभी योजनाएं एवं अन्य कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। इसके चलते कृषि कार्मिकों को अपने खर्च पर ऑनलाइन कार्य करने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। कार्मिकों ने बताया कि पदोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर आयुक्त कृषि के साथ कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। पहले चरण में 1 सितंबर से राजकीय व्हाट्सएप ग्रुप से लेफ्ट होने, उद्यान विभाग के अतिरिक्त कार्यों एवं फार्मर रजिस्ट्री कैंपों का बहिष्कार किया जाएगा। दूसरे चरण में 8 सितंबर से ऑनलाइन कार्यों तथा ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर संगठन की ओर से आंदोलन के आगामी चरणों की घोषणा की जाएगी।













